Followers

Wednesday, October 16, 2024

उत्कंठा

उत्कंठा 

किसी भी कार्य को करने के लिए 

उत्कंठा का होना आवश्यक है 

बलात् किए जाने वाले कार्य 

अनमने ढंग से किया जाता है 

ऐसे में कार्य की सफलता 

सदैव संदिग्ध बनी रहती है।

कार्य में उत्कंठा का 

होता है जब समावेश 

उत्साह का संचार होता है 

कार्य में कुशलता आती है 

कार्य करने वाला 

आनंद का अनुभव करता है। 

स्वेच्छा से किए जाने वाले कार्य में 

उत्कंठा के समावेश से 

कार्य में नवीनता आती है 

स्वरूप में निखार आता है 

कला का अनोखा रूप प्रकट होता है।

करें जब भी कोई कार्य 

पूरे मनोयोग से करें 

जिजीविषा के साथ करें 

मन में उत्साह लेकर करें 

कार्य को करने के लिए 

लालायित रहें, उत्कंठित रहें


– डॉ. लूनेश कुमार वर्मा 

1 comment:

सीखना : डॉ. लूनेश कुमार वर्मा

सीखना ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• व्यक्ति जीवन भर सीखता है  व्यक्ति में सीखने की ललक  सदा बनी रहनी चाहिए  जिस दिन व्यक्ति ...