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Tuesday, October 15, 2024

तेरा मेरा साथ : विभूति सिंह ' विख्यात'

तेरा मेरा साथ हो ,
गेरुआ आकाश हो।
हाथों में तेरा हाथ हो, 
जीवन भर का साथ हो l

मौसम का मिजाज भी, 
थोड़ा सा आशिकाना हो। 
तेरे दिल में रहूं मैं, और 
मेरे दिल में तेरा आशियाना हो।

तेरी रेशमी जुल्फें, 
मेरे कंधे पर करती हो अठखेलियां,
आंखें तेरी मुझ से पूछे, 
कुछ सरल सी पहेलियां।

यूं ही कुछ रंगीन शामें,
संग तुम्हारे बीते।
कट जाएं ये जीवन सारा,
गीत मिलन के गाते गाते।

विभूति सिंह ' विख्यात'

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