सीखना
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व्यक्ति जीवन भर सीखता है
व्यक्ति में सीखने की ललक
सदा बनी रहनी चाहिए
जिस दिन व्यक्ति
सीखना बंद कर देता है
उस दिन उसका
विकास रुक जाता है
थम जाता है वह
मर जाता है वह
सफल होना चाहते हैं यदि
अपने भीतर के विद्यार्थी को
सदैव जीवित रखिए
नित सीखने का भाव
आचरण में रखिए
चाहे पहुंच जाए जहां भी
ललक कम नहीं होनी चाहिए
जो हैं शिक्षक, देते हैं शिक्षा
उनका है यह महत्वपूर्ण दायित्व
स्वयं पहले विद्यार्थी बनें
नई चीजों को सीखने के आग्रही बनें
नित अध्ययनशील बनें
कोई नहीं होता सर्वज्ञ
कोई नहीं होता है पूर्ण
जब व्यक्ति सीखना बंद करता है
विकास अवरुद्ध हो जाता है
सीखना सतत प्रक्रिया है
इसे सदैव बना कर रखें
समय के साथ
कदम से कदम मिलाकर चलते रहें।
– डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
*सीखना* डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
ReplyDeleteअकेले रहना के स्थान पर
ReplyDeleteचलते रहना। पढ़ें