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Friday, October 18, 2024
सीखना : डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
Thursday, October 17, 2024
ओस की बूंदें - डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
Wednesday, October 16, 2024
उत्कंठा
उत्कंठा
किसी भी कार्य को करने के लिए
उत्कंठा का होना आवश्यक है
बलात् किए जाने वाले कार्य
अनमने ढंग से किया जाता है
ऐसे में कार्य की सफलता
सदैव संदिग्ध बनी रहती है।
कार्य में उत्कंठा का
होता है जब समावेश
उत्साह का संचार होता है
कार्य में कुशलता आती है
कार्य करने वाला
आनंद का अनुभव करता है।
स्वेच्छा से किए जाने वाले कार्य में
उत्कंठा के समावेश से
कार्य में नवीनता आती है
स्वरूप में निखार आता है
कला का अनोखा रूप प्रकट होता है।
करें जब भी कोई कार्य
पूरे मनोयोग से करें
जिजीविषा के साथ करें
मन में उत्साह लेकर करें
कार्य को करने के लिए
लालायित रहें, उत्कंठित रहें
– डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
नन्हीं गौरैया
Tuesday, October 15, 2024
मेरे जीवन साथी : सुनील कुमार खुराना
डॉ. लूनेश कुमार वर्मा की कविता
प्रिये
तेरा मेरा साथ हो
कोई नहीं आस-पास हो
हाथों में हाथ हो
मन में विश्वास हो।
प्रकृति में बहार हो
लालिमा का संचार हो
मन भी तैयार हो
हम दोनों में प्यार हो।
निकल पड़े कहीं हम
सागर का तट हो
प्रकृति रूप अनुपम
सूरज मद्धम हो।
हाथों में हाथ हो
एक दूसरे का विश्वास हो
दुनिया अपनी हो
सदा प्रेम का संचार हो।
एक दूसरे का साथ हो
सूर्यास्त का समय हो
लहरों की बातें हों
प्रेम की सौगात हों।
वातावरण सुखद हो
प्रेमी युगल का मिलन हो
लहरों का आगमन हो
हृदय में प्रिये उमंग हो।
– डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
हमराही : मोनिका डागा "आनंद"
विषय - चित्र आधारित सृजन
दिनांक - 15-10-2024
शीर्षक - हमराही
एक दूसरे पर कर अटूट विश्वास,
जीतने अपने सपनों का आकाश,
चले जो हम तुम सहर्ष साथ-साथ,
थाम हाथों में एक दूजे का हाथ ।
आशाओं का सूर्य चमका बीती रात,
आया जीवन में "आनंद" सुप्रभात,
खुशियों की हुई सुरीली चहचहाहट,
मिले हम तुम तो हुई जगमगाहट ।
बढाएं कदम दर कदम फिर पांव,
उत्साह की लहरों का सुखी बहाव,
मिली ख्वाहिशों को सुंदर पहचान,
हमने मिलकर भरी मन की उडा़न ।
अपना साथ यूं ही रहे सदा शानदार,
प्यार भरी दुनिया का मजबूत आधार,
हर लम्हा महक बिखरे गुलाबों सी,
जोडी़ रहे यादगार राधा माधव सी ।
समुंदर सा गहरा स्वछंद आसमान सा,
हमराही अपना सफ़र पूनम के चांद सा,
दीया बाती जैसे हम तुम जीवन साथी,
सच्चा प्यार हमारा उम्र भर का है साथी ।
- मोनिका डागा "आनंद" , चेन्नई, तमिलनाडु 🙏❤️🙏
आपके स्नेह और प्यार का धन्यवाद !💕
रचना ( स्वरचित व सर्वाधिकार सुरक्षित) ✍️
तेरा मेरा साथ : विभूति सिंह ' विख्यात'
तेरा साथ : सूबेदार राम स्वरूप कुशवाह
मेरी कलम से : लोकेश कौशिक
सीखना : डॉ. लूनेश कुमार वर्मा
सीखना ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• व्यक्ति जीवन भर सीखता है व्यक्ति में सीखने की ललक सदा बनी रहनी चाहिए जिस दिन व्यक्ति ...
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तेरा मेरा साथ हों, हाथों में तेरा हांथ हों। उगते सूरज की लालिमा, वाह फिर क्या बात हो।। तुम मुझे और मैं तुम्हें, बस देखता ही रहू...